Sunday, April 5, 2020
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Union Budget 2020 Key Highlights: बजट 2020 में किसे क्या मिला

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मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण कालिक बजट आज लोकसभा में पेश किया गया। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा इस बजट को पेश किया गया। पीली साड़ी पहनी वित्तंत्री ने दो घंटे चालीस मिनट तक बजट भाषण दिया। इस दौरान सरकार द्वारा देश को दी गई सौगातों और नई योजनाओं का जिक्र किया गया। बजट भाषण की शुरुआत करते हुए वित्तमंत्री ने सबसे पहले दिवंगत वित्तमंत्री रहे अरुण जेटली को श्रध्दांजलि दी। इसके बाद बजट भाषण पढ़ना शुरू किया। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, किसान, युवाओं सहित अन्य सेक्टर को लेकर निर्मला सीतारमण ने कई बड़ी घोषणाएं की हैं। जानें वित्तमंत्री ने किस सेक्टर को आखिर क्या दिया।

टैक्स स्लैब में बड़ा सुधार

मोदी सरकार ने इस बार टैक्स स्लैब में बड़ा सुधार किया है। बजट में नए टैक्स को चुनने का विकल्प दिया गया है। इसमें नए स्लैब में पुराने स्लैब की तुलना में लगने वाले टैक्स की दरों को कम किया गया है, हालांकि इसमें दी जाने वाली टैक्स छूट नहीं ली जा सकेगी।

नए टैक्‍स स्‍लैब को चार भागों में बाटा गया है। 5 लाख से 7.5 लाख तक की आमदनी पर 10 प्रतिशत टैक्स देना होगा जो पहले 20 फीसदी था। 7.5 लाख से 10 लाख तक की इनकम पर 15 फीसदी की दर से कर देना होगा जो पहले 20 प्रतिशत था। 10 लाख से 12.5 लाख तक की आमदनी पर 20 फीसदी दर से टैक्स लगेगा जो पहले 30 फीसदी दर से लिया जाता था। 12.5 लाख से 15 लाख तक आमदनी पर 25 फीसदी इनकम टैक्स लगेगा जो पहले 30 प्रतिशत था। 15 लाख रुपये से ज्यादा की इनकम पर पूर्व की तरह ही 30 प्रतिशत टैक्स चुकाना होगा। अगर टैक्स पेयर्स पुराने स्लैब के हिसाब से ही टैक्स भरना चाहते हैं तो उन्हें टैक्स छूट का लाभ मिलेगा।

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण कालिक बजट आज लोकसभा में पेश किया गया। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा इस बजट को पेश किया गया। पीली साड़ी पहनी वित्तंत्री ने दो घंटे चालीस मिनट तक बजट भाषण दिया। इस दौरान सरकार द्वारा देश को दी गई सौगातों और नई योजनाओं का जिक्र किया गया। बजट भाषण की शुरुआत करते हुए वित्तमंत्री ने सबसे पहले दिवंगत वित्तमंत्री रहे अरुण जेटली को श्रध्दांजलि दी। इसके बाद बजट भाषण पढ़ना शुरू किया। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, किसान, युवाओं सहित अन्य सेक्टर को लेकर निर्मला सीतारमण ने कई बड़ी घोषणाएं की हैं। जानें वित्तमंत्री ने किस सेक्टर को आखिर क्या दिया।

टैक्स स्लैब में बड़ा सुधार

मोदी सरकार ने इस बार टैक्स स्लैब में बड़ा सुधार किया है। बजट में नए टैक्स को चुनने का विकल्प दिया गया है। इसमें नए स्लैब में पुराने स्लैब की तुलना में लगने वाले टैक्स की दरों को कम किया गया है, हालांकि इसमें दी जाने वाली टैक्स छूट नहीं ली जा सकेगी।

नए टैक्‍स स्‍लैब को चार भागों में बाटा गया है। 5 लाख से 7.5 लाख तक की आमदनी पर 10 प्रतिशत टैक्स देना होगा जो पहले 20 फीसदी था। 7.5 लाख से 10 लाख तक की इनकम पर 15 फीसदी की दर से कर देना होगा जो पहले 20 प्रतिशत था। 10 लाख से 12.5 लाख तक की आमदनी पर 20 फीसदी दर से टैक्स लगेगा जो पहले 30 फीसदी दर से लिया जाता था। 12.5 लाख से 15 लाख तक आमदनी पर 25 फीसदी इनकम टैक्स लगेगा जो पहले 30 प्रतिशत था। 15 लाख रुपये से ज्यादा की इनकम पर पूर्व की तरह ही 30 प्रतिशत टैक्स चुकाना होगा। अगर टैक्स पेयर्स पुराने स्लैब के हिसाब से ही टैक्स भरना चाहते हैं तो उन्हें टैक्स छूट का लाभ मिलेगा।

बैंक डिपॉजिट का 5 लाख तक होगा इंश्योरेंस

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंक खाताधारकों को बड़ी राहत दी है। अब तक बैंक में जमा राशि पर सिर्फ एक लाख तक की सुरक्षा सरकार द्वारा मुहैया कराई जाती थी, जिसे अब बढ़ाकर 5 लाख कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब है कि अगर बैंक डूब जाता है तो सरकार द्वारा पांच लाख रुपए तक की राशि कस्टमर को लौटाई जाएगी।

केंद्र सरकार ने बजट में किसानों की आय साल 2022 तक दोगुना करने का लक्ष्य भी रखा है। इसके लिए सरकार ने 16 एक्शन प्लान लिए हैं। इन 16 योजनाओं पर सरकार द्वारा 2.83 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। इसमें कृषि और सिंचाई के लिए 1.2 लाख करोड़ रुपये की रकम दी जानी है। पीएम कुसुम योजना के तहत सरकार 20 लाख किसानों को सोलर पंप लगाने में आर्थिक मदद उपलब्ध कराएगी। 100 जिले जो जलसंकट से प्रभावित हैं उनके लिए सरकार विस्तृत योजना लाएगी। किसानों को 15 लाख करोड़ रुपए का कर्ज देने का लक्ष्य रखा गया है। यहीं नहीं सरकार ने मिल्क प्रोसेंसिंग क्षमता को 08 मिलियन टन जबकि फिश उत्पादन का लक्ष्य 208 मिलियन टन किया है।

हेल्थ सेक्टर में की यह घोषणाएं

केंद्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हेल्थ सेक्टर के लिए भी कई घोषणाएं की हैं। बजट में स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र के लिए 69 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए 6400 करोड़ रुपये का प्रस्‍ताव किया गया है। मिशन इंद्रधनुष का दायरा बढ़ाकर इनमें 12 बीमारियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा 5 वैक्‍सीन भी जोड़े गई हैं। देश के मेडिकल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विदेश से आने वाले मेडिकल उपकरण में इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाई है। इससे आने वाले पैसे से अस्पतालों का निर्माण कराया जाएगा। वित्‍त वर्ष 2020-21 में स्वच्छ भारत मिशन के लिए 12,300 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। सरकारने 2025 तक TB की बीमारी को पूरी तरह से खत्म करने का लक्ष्‍य रखा है।

रेल के क्षेत्र में हुई यह घोषणाएं

बजट में इस बार सरकार 27 हजार किलोमीटर रेलवे ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन करने जा रही है। इसके अलावा 150 नई ट्रेनें पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिये शुरू की जाएंगी। तेजस ट्रेने के जरिये देश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को जोड़ने की भी योजना है। इन योजनाओं पर 18,600 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रेल पटरियों के किनारे सोलर पॉवर ग्रिड बनेंगे। 148 किलोमीटर में बेंगलुरू ऊपनगरीय ट्रेन सिस्टम बनाया जाएगा, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से 25 प्रतिशत आर्थिक मदद दी जाएगी।

LIC, IDBI का हिस्सा बेचेगी सरकार

वित्तमंत्री ने इस बार बजट पेश करने के दौरान बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि सरकार लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (LIC) का अपना हिस्सा निजी कंपनियों को बेचेगी। इसका मकसद विनिवेश प्रक्रिया को बढ़ाना है। यहीं नहीं IDBI बैंक में भी हिस्सेदारी बेची जाएगी। सरकार का यह फैसला काफी बड़ा माना जा रहा है। इसे लेकर विपक्ष द्वारा हंगामा भी किया गया था।

बजट में किसान रेल का प्रावधान

सार्वजनिक और निजी भागीदारी के माध्‍यम से भारतीय रेल द्वारा किसान रेल सेवा शुरू करने का प्रस्‍ताव। दूध, मांस और मछली जैसे जल्द खराब होने वाले उत्‍पादों के लिए राष्‍ट्रीय प्रशीतन आपूर्ति श्रृंखला बनाने और एक्‍सप्रेस और मालगाडि़यों में प्रशीतन डिब्‍बे लगाने का प्रस्‍ताव शामिल है।

पीएम-कुसुम योजना का विस्तार करते हुए 20 लाख किसानों को सौर ऊर्जा पंप लगाने में मदद। अतिरिक्‍त 15 लाख किसानों को ग्रिड से जुड़े पंप सेटों को सौर ऊर्जा चलित बनाने और किसानों को खाली जमीन पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने में मदद की योजना भी बजट में शामिल। ग्राम भंडारण योजना के तहत किसानों के लिए स्‍व-सहायता समूहों द्वारा संचालित भंडारण व्‍यवस्‍था, ताकि उत्‍पादों

पर लॉजिस्टिक लागत कम हो सके। महिलाओं के स्‍व-सहायता समूहों को फिर से धन्‍य लक्ष्‍मी का स्‍थान पाने में मदद दी जाएगी। नाबार्ड द्वारा कृषि भंडारो, कोल्‍ड स्‍टोरों तथा प्रशीतन वैन सुविधाओं का नक्‍शा बनाना और उनका जीओ टैगिंग किया जाएगा।

वेयर हाउस, भंडार गृहों के लिए यह नियम

खंडों और तालुका स्‍तर पर भंडार गृह बनाने के लिए पूंजी की कमी की भरपाई सरकार द्वारा की जाएगी। भारतीय खाद्य निगम और केन्‍द्रीय भंडारण निगम भी अपनी जमीन पर ऐसे भंडार गृह बनाएगे। नेगोशिएबल वेयरहाऊसिंग रिसीट पर किया जाने वाला वित्‍त

पोषण ई-नाम के साथ एकीकृत किया जाएगा।

दुग्ध उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य

सरकार साल 2025 तक दूध उत्पादन की क्षमता 53.5 मिलियन एमटी से दोगुना कर 108 मिलियन एमटी के स्‍तर पर पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। कृत्रिम गर्भाधान की कवरेज को भी मौजूदा 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत किया जाएगा। चारागाह को विकसित करने के लिए मनेरगा का संयोजन होगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र में 69 हजार करोड़ का आवंटन

प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य योजना के लिए 6400 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, वहीं इसके अंतर्गत 20,000 से भी अधिक अस्‍पतालों को पैनल में पहले ही शामिल किया जा चुका है। पीपीपी व्‍यवस्‍था के तहत अस्‍पतालों के निर्माण के लिए कम पड़ रही राशि के इंतजाम वाली विंडो अथवा प्रकोष्‍ठ बनाने का प्रस्‍ताव किया गया है। जन औषधि केन्‍द्र योजना के तहत वर्ष 2024 तक सभी जिलों में 2000 दवाओं और 300 शल्‍य चिकित्‍सा की पेशकश की जाएगी।

छोटे निर्यातकों के लिए प्रीमियम में कमी

गवर्नमेंट ई-मार्केटप्‍लेस के कारोबार को बढ़ाकर 3 लाख करोड़ रुपये के स्‍तर पर पहुंचाने का प्रस्‍ताव किया गया है। ‘निर्यात उत्‍पादों पर शुल्‍कों एवं करों में संशोधन के लिए योजना’ शुरू की जाएगी। प्रधानमंत्री के जीरो डिफेक्ट-जीरो इफेक्ट विनिर्माण विज़न के तहत सभी मंत्रालय गुणवत्ता मानक जारी करेंगे।

राजमार्गों का किया जाएगा विकास

वित्तमंत्री के द्वारा पेश किए गए इस बजट में राजमार्गों के तेजी से विकास पर ध्यान दिया जाने की बात कही गई है। इसमें पहुंच नियंत्रण राजमार्ग- 2500 किलोमीटर, आर्थिक गलियारा- 9000 किलोमीटर, तटीय और भूमि पत्तन सड़के- 2000 किलोमीटर, रणनीतिक राजमार्ग- 2000 किलोमीटर, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और दो अन्य पैकेज 2023 तक पूरे हो जाएगे। चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेस-वे की शुरूआत होगी। 6000 किलोमीटर से अधिक की लम्बाई वाले 12 राजमार्ग समूहों के मुद्रीकरण का प्रस्ताव।

नईदुनिया का आभार

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